बिलासपुर। मुंगेली की जेल में बंद पत्नी के हत्यारे को एक दिन पहले अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही वो तनाव में था। उसकी स्थिति को देखते हुए जेल प्रबंधन ने उसकी काउंसलिंग भी कराई। लेकिन, अगले दिन उसने जेल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में था बंद मुंगेली के फास्टरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंघनीपुरी गांव का राहुल साहू अपनी पत्नी के साथ रहता था। किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। इसको लेकर राहुल ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वो मुंगेली की जिला जेल में बंद था। मामले की सुनवाई जिला अदालत में चल रही थी। इस बीच पुलिस की ओर से कोर्ट में चालान पेश किया गया, जिसमें राहुल पर अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप पत्र भी सौंपा गया था। मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए जज ने एक दिन पहले 18 अक्टूबर को फैसला सुनाया था। इसमें राहुल को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। फैसले की जानकारी राहुल को होते ही वह बेहद तनाव में आ गया था। जेल प्रबंधन ने उसकी स्थिति को देखा तो उसकी काउंसलिंग कराई ताकि वह सामान्य हो सके। किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह कुछ ऐसा कदम उठा सकता है।











