
कर्नाटक के मंगलुरु में गुरुवार शाम कुछ नकाबपोश हमलावरों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा और फिर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल मो. फाजिल की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
कर्नाटक में 10 दिन में ये तीसरी हत्या है। 26 जुलाई को दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजयुमो नेता की हत्या की गई थी। दक्षिण कन्नड़ में ही 19 जुलाई को मो. मसूद पर 8 लोगों ने हमला किया था। उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को कहा कि हम इन मामलों में सख्त एक्शन लेंगे। अब आप इसे यूपी मॉडल कहिए या फिर कर्नाटक मॉडल।
फाजिल की हत्या उस वक्त हुई, जब मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भाजपा युवा विंग के नेता प्रवीण नेट्टार के परिजनों से मिलने उनके घर गए थे। बोम्मई ने प्रवीण के परिवार को सरकार की ओर से 5 लाख और पार्टी की ओर से 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया है। प्रवीण भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। उनकी हत्या के केस में दो लोगों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। 21 लोग अभी हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ जारी है। ये सभी लोग PFI से संबंधित हैं।
मुख्यमंत्री बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि हालात ऐसे ही रहे तो सरकार राज्य में सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश के योगी मॉडल को लागू करेगी। सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली ताकतों को खत्म करने में कुछ चुनौतियां हैं। यह चुनौती देशभर के राज्यों में मौजूद है और इस तरह की ताकतों ने पिछले 10 वर्षों में कर्नाटक में अपना सिर उठाया है। इसे हम खत्म करके ही रहेंगे।
भाजपा नेता की हत्या के बाद कर्नाटक में कई कार्यकर्ता और विधायक मांग कर रहे हैं कि सरकार सामाजिक अशांति पैदा करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई करे। बोम्मई इसी संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
भाजपा नेता प्रवीण की हत्या को लेकर दक्षिण कन्नड़ में तनाव जारी है। यहां कार्यकर्ता बेहद गुस्से हैं। हत्या का शक PFI के टेरर मॉड्यूल पर है। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर पूरे मामले की जांच NIA से कराने की मांग की है। प्रवीण की पत्नी ने मांग की है कि हत्यारों को हर हाल में फांसी की सजा मिलनी चाहिए।











