Wednesday, September 16, 2026

कोरबा में कृषि अधिकारी निलंबित, बिना सूचना लंबे समय से थे अनुपस्थित; किसानों से जुड़े काम प्रभावित होने की शिकायत

कोरबा। कटघोरा कृषि विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को लंबे समय तक बिना सूचना और स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। उप संचालक कृषि, जिला कोरबा ने 15 सितंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया है।

विभागीय आदेश के अनुसार, देवशरण पैकरा कटघोरा और जेंजरा क्षेत्र में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। आदेश में कहा गया है कि वे 1 अगस्त 2026 से बिना सूचना और स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित थे।

सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला

विभाग ने अधिकारी की अनुपस्थिति को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है। विभागीय पत्राचार और अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान देवशरण पैकरा का मुख्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

किसानों से जुड़े काम प्रभावित होने का मुद्दा उठा

मामले के सामने आने के बाद भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने अधिकारी की लंबे समय तक अनुपस्थिति से किसानों से जुड़े कार्यों पर संभावित असर की जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि कटघोरा और जेंजरा क्षेत्र में कृषि विभाग की योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और किसानों को मिलने वाली सेवाओं पर यदि अधिकारी की अनुपस्थिति का असर पड़ा है तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।

महिला कर्मचारियों से जुड़े आरोपों की जांच की मांग

राजेश यादव ने संबंधित अधिकारी पर महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां किए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में इस तरह की टिप्पणियां की गई हैं, तो संबंधित रिकॉर्ड की तथ्यात्मक जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

कृषि मंत्री और कलेक्टर को जानकारी देने की बात

राजेश यादव ने बताया कि वह मामले की जानकारी कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और कलेक्टर कोरबा को देने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि किसानों से जुड़े विभागीय कार्यों को सुचारू रखना है। उन्होंने मांग की कि निलंबन की कार्रवाई के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कृषि विभाग की सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलता रहे।