कोरबा। एसईसीएल (SECL) की खदानों में कोयला उत्खनन से लेकर परिवहन तक लगी भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में कुसमुंडा खदान के एक डंपर में लगी आग की घटना के बाद अब गेवरा खदान में एक डोजर आग की चपेट में आ गया। इस हादसे ने प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, खासकर ऐसे समय में जब 10 अप्रैल को भारत सरकार के कोयला मंत्री श्री किशन रेड्डी का गेवरा खदान में निरीक्षण प्रस्तावित है।
घटना की जानकारी के अनुसार, कामस्तु कंपनी की डोजर संख्या 915 में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। यह घटना उस वक्त हुई जब डोजर श्रीराम शॉवेल, गणेश शॉवेल और पार्था शॉवेल के डंपिंग कार्य में संलग्न था। डोजर ऑपरेटर बालेश्वर ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में डोजर पूरी तरह से जल गया है, जिससे प्रबंधन को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।











