Monday, March 16, 2026

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कल से 7 दिन का लॉकडाउन; रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल

knn24news/ छत्तीसगढ़ में कोरोना से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 107 लोगों की मौत हुई है। हफ्तेभर से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन एक साथ 100 से ज्यादा मौतें नहीं हुई थीं। हर रोज औसतन 95 कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। सिर्फ 7 दिनों में 668 लोगों की जान गई है।

हालात बिगड़ने की वजह से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है। 14 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 21 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक GPM जिले में सब कुछ बंद रहेगा। 28 जिले वाले छत्तीसगढ़ में अब तक 17 जिलों में लॉकडाउन का ऐलान किया जा चुका है।

अंबेडकर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल
कोरोना के बीच प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में मंगलवार सुबह से जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स सिर्फ कोविड वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। अपनी मांगों को पूरा करने के लिए इन्होंने 18 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। इनका कहना है कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सभी इमरजेंसी सर्विस और कोविड वार्ड की ड्यूटी करना भी बंद कर देंगे।

हर रोज बेहोश होते हैं डॉक्टर, सुधार की मांग कर थक चुके
कोविड वार्ड में काम करने वाले एक जूनियर डॉक्टर ने दैनिक भास्कर को बताया कि आखिर क्यों इस आपदा के माहौल में डॉक्टर हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए। डॉक्टर ने बताया कि अंबेडकर अस्पताल के तीसरे माले में PPE किट पहनकर ड्यूटी करने के दौरान डॉक्टर बेहोश हो जाते हैं। ऐसा गर्मी की वजह से होता है। इस बार गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है, कई घंटों की ड्यूटी के बाद कोई रिलेक्सेशन नहीं मिलता, परेशान लोगों की गालियां मिलती हैं वो अलग।

डॉक्टर ने बताया कि अच्छी क्वालिटी की PPE किट, मास्क ग्लव्स और आई वियर नहीं मिल रहे। मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज करने के सही इंतजाम नहीं है। डॉक्टर्स को एक्स्ट्रा ड्यूटी का कोई इंसेंटिव भी नहीं दिया जा रहा। ये सारी बातें पिछले 1 साल से सरकार को बता रहे हैं, अब मजबूरन हमें कोविड को छोड़ दूसरी सर्विस बंद करनी पड़ी हैं।