हरदीबाजार.-तरदा व सर्वमंगला-इमलीछापर सड़क मार्ग के निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों को यह उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही खराब सड़क से उन्हें राहत मिल पाएगी। सड़क का काम युद्धस्तर पर नागपुर की ठेका कंपनी कर रही थी। प्रशासन ने एसईसीएल से मिली 4202 लाख का आबंटन निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को नहीं किया। लिहाजा पिछले चार दिन से निर्माण कार्य बंद है। निर्माण कार्य निर्धारित प्रोजेक्ट अवधि में पूरा हो जाताए पर प्रशासनिक अडंगा की वजह से यह संभव नहीं हो पाएगा। इसकी वजह से क्षेत्र के लोगों में भी निराशा देखी जा रही। इस मुद्दे पर कुछ लोगों ने जनहित याचिका भी बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर की है, जिसकी सुनवाई सोमवार को है।
172.10 करोड़ की लागत से हरदीबाजार से इमलीछापर तक 27.19 किलोमीटर लंबा सड़क निर्माण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा करने 30 माह का समय दिया गया है। बताया जा रहा है कि पांच किलोमीटर सीसी रोड का निर्माण काम पूरा कर लिया गया है। वहीं 5.5 किलोमीटर पर कार्य चल रहा। विडंबना ही है कि कार्य आबंटन के डेढ़ साल बाद भी 10.5 किलोमीटर की दूरी कार्य के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। अभी भी इस मार्ग में खंभे, पेड़ व अन्य बाधाएं हैं, जिससे निर्माण कार्य अवरूद्ध हो रहा। अब तक केवल 10 किलोमीटर ही प्रशासन ने खाली कराया है। शेष क्षेत्र के लिए प्रशासनिक रूचि नहीं होने की वजह से निर्माण में दिक्कतें आ रही। अब तक हुए कार्य गुणवत्ता की जांच भी अधिकारी समय समय पर करते रहे हैं। ठेका कंपनी एसएमएस लिमिटेड के एक जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता किसी भी मूल्यांकन पर खरी उतरेगी। परियोजना का काम एक निर्धारित समयमान और चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा, लेकिन प्रशासन अपेक्षित सहयोग नहीं करते हुए विकास कार्य को अवरूद्ध करने की यथासंभव कोशिश कर रही। राशि आबंटन नहीं किए जाने के अभाव में परियोजना का काम बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। कई बार विभाग को जानकारी देने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा।











