कोरबा, 01 जनवरी। पिकनिक सीजन और नववर्ष के अवसर पर सतरेंगा पर्यटन स्थल में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ क्षेत्र में अवैध महुआ शराब की गतिविधियां भी सामने आने लगी थीं। हालांकि पर्यटन की शुरुआत के बाद ही सतरेंगा में शराबखोरी से उत्पन्न अशांति को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा नशाबंदी लागू की गई है।
इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व गांव के आसपास के जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिपकर महुआ शराब का निर्माण और बिक्री कर रहे थे। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सतरेंगा की महिला समिति ने गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध शराब के खिलाफ सख्त कदम उठाया।
बुधवार को महिला समिति की महिलाएं गांव के प्रमुखजनों के साथ आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचीं। हाथों में डंडे लिए महिलाओं को आता देख महुआ शराब बनाने में जुटे लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद महिला समिति ने जंगल में छिपाकर रखी गई भट्टियों और तैयार की जा रही महुआ शराब को खोज-खोजकर नष्ट किया।
महिलाओं ने भट्टी में चढ़ी महुआ शराब को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस दौरान महिलाओं का कहना था कि सतरेंगा तेजी से एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है और शराबखोरी के कारण किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में लागू नशाबंदी का सख्ती से पालन कराया जाएगा और अवैध शराब के खिलाफ आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। महिला समिति की इस कार्रवाई के बाद गांव में शांति व्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।









