Thursday, July 16, 2026

फिर से चलने लगीं यात्री ट्रेनें:किरंदुल से विशाखापट्टनम तक पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही शुरू; नक्सलियों के साम्रज्यवाद विरोधी सप्ताह की वजह से बंद थीं

किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर जगदलपुर से किरंदुल तक पूरे 1 सप्ताह के बाद पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही एक बार फिर से शुरू हो गई है। नक्सलियों के साम्राज्यवाद विरोधी सप्ताह की वजह से पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। विशाखापट्टनम से पैसेंजर ट्रेन जगदलपुर तक तो आ रही थी, लेकिन जगदलपुर से आगे किरंदुल तक नहीं जाती थी। पैसेंजर ट्रेनों का अंतिम स्टॉप जगदलपुर ही था। 29 मार्च को नक्सलियों का साम्राज्यवाद विरोधी सप्ताह खत्म हो गया है। जिसके बाद अब 30 मार्च से ट्रेनों की आवाजाही एक बार फिर से शुरू कर दी गई है। बुधवार की सुबह विशाखापट्टनम से निकली ट्रेन आज शाम किरंदुल पहुंचेगी।

हालांकि, सप्ताहभर किरंदुल से विशाखापट्टनम और विशाखापट्टनम से वापस किरंदुल तक माल गाड़ियों की आवाजाही लगातार होती रही। इन माल गाड़ियों में लौह अयस्क किरंदुल से विशाखापट्टनम ले जाया जाता है। किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर रोजाना करीब 10 से ज्यादा माल गाड़ियों का परिचालन होता है और केवल दो पैसेंजर ट्रेनें ही इस मार्ग पर चलती हैं। फिलहाल नाईट एक्सप्रेस का परिचालन सप्ताह में केवल 2 दिन ही किया जा रहा है। जबकि डे एक्सप्रेस प्रतिदिन चलती है।

नक्सलियों के निशाने पर होता है रेलवे ट्रैक
किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग हमेशा नक्सलियों के निशाने पर रहा है। ज्यादातर दंतेवाड़ा जिले के बासनपुर-झिरका के जंगल में नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया है। साल 2021 में नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक उखाड़ कर एक पैसेंजर ट्रेन को डिरेल किया था। हालांकि, ट्रेन की रफ्तार कम थी। इसलिए ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा लौह अयस्क लेकर जा रही कई मालगाड़ियों को भी नक्सलियों ने डिरेल किया है। साल 2021 और 2022 में अब तक रेलवे और NMDC को करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।