Friday, June 19, 2026

बिजली दर वृद्धि पर कांग्रेस का तीखा हमला, बताया जनविरोधी फैसला

कोरबा। प्रदेश में बिजली दरों में की गई वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने इस फैसले को पूरी तरह जनविरोधी, किसान-विरोधी और मध्यम वर्ग के खिलाफ बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ बिजली बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिक की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है, जिसका असर 1 जुलाई से आने वाले बिलों में साफ दिखाई देगा।

कांग्रेस ने अपनी पूर्व सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना से लाखों परिवारों को राहत मिली थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस सुविधा को सीमित कर दिया है।

महंगाई के मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि पहले से ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हुई हैं। अब बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग, व्यापार और रोजमर्रा की वस्तुएं और महंगी हो जाएंगी, जिससे आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा।

कोरबा की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि ‘ऊर्जा राजधानी’ कहलाने वाले जिले में भी अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफार्मर जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, बावजूद इसके उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।

कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना को लेकर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि एक ओर सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर महंगाई बढ़ाकर उससे अधिक पैसा जनता से वसूला जा रहा है।

कांग्रेस ने सरकार से कई सवाल पूछते हुए बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने, उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने, किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि बिजली दर वृद्धि के खिलाफ उसका आंदोलन जारी रहेगा और जनता के हित में सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी।