
मरवाही विधायक डॉ केके ध्रुव आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हाथियों से प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने कोटमीकला, मटियाडांड, केसला, रुमगा समेत कई गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से बात की और उन्हें राहत दिलाने का आश्वासन दिया। लोगों ने उन्हें बताया कि हाथियों ने उनके घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। शिकायत पर तुरंत विधायक केके ध्रुव ने वन विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की और उन्हें तुरंत प्रभावित गांववालों को मुआवजा देने के निर्देश दिए।
गांववालों ने ये भी बताया कि वन विभाग के कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं और सूचनाओं की अनदेखी करते हैं। इस पर विधायक केके ध्रुव ने इनकी इस समस्या के भी तुरंत निराकरण का भी आश्वासन दिया। उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सहायता के लिए वे हमेशा उपलब्ध रहें।

अभी 22 अगस्त को पेंड्रा के पूजाश्री टॉकीज में मरवाही विधायक केके ध्रुव फिल्म दखने पहुंचे थे, तब उन पर कई सवाल उठ खड़े हुए थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि एक तरफ तो मरवाही वन मंडल में हाथी उत्पात मचा रहे हैं, तो दूसरी तरफ विधायक मूवी देखने में मशगूल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी मनोज राय, एल्डरमैन मदन सोनी, BEO श्यामानंद साहू, आत्मानंद स्कूल की प्रिंसिपल बीके वर्मा भी इनके साथ फिल्म देखने गई थीं। सवाल उठने के बाद आज वे हाथियों से प्रभावित गांवों का जायजा लेने पहुंचे।

मरवाही में पिछले 10 दिनों से 3 अलग-अलग हाथियों का दल डेरा जमाए हुए है। हाथियों ने एक ग्रामीण को भी कुचलकर मार दिया था, वहीं करीब 3 दर्जन मकानों को तोड़ दिया। हाथियों के दल ने कई एकड़ फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है और घरों में घुसकर अनाज भी चट गए हैं। हाथियों के कारण गांववाले काफी दहशत में हैं। मरवाही रेंज में ऊषाढ़ गांव में 3 हाथी, मगुर्दा और नाका इलाके में एक दंतैल हाथी और पसान से लगे क्षेत्र में पेंड्रा रेंज के गोढ़ा और कोटमी इलाके में 22 हाथी लगातार डेरा डाले हुए हैं।

हाथी प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए वन विभाग ने प्रकरण तैयार कर लिए हैं, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते अब तक इसे ग्रामीणों को दिया नहीं जा सका है। वन विभाग के एसडीओ और रेंजर का पद भी फिलहाल खाली है, जिसके कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।











