महाशिवरात्रि की रात इंसानियत शर्मसार: मासूम की कब्र खोदकर कंकाल का सिर निकाल ले गए तांत्रिक, गांव में दहशत और आक्रोश

बालोद। बालोद जिला से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। महाशिवरात्रि की रात श्मशान घाट पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने मासूम बच्ची की कब्र खोदकर उसके कंकाल का सिर निकाल लिया। इस अमानवीय हरकत के बाद पूरे गांव में दहशत, गुस्सा और मातम का माहौल है।

यह सनसनीखेज मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम माहुद-बी का है। बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले एक तीन साल की मासूम बच्ची की बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार ने भारी मन से उसे गांव के श्मशान में दफनाया था। लेकिन किसी को क्या पता था कि मौत के बाद भी बच्ची को शांति नहीं मिलेगी।

सुबह दिखा खौफनाक मंजर

15 फरवरी की सुबह एक किसान खेत जाने के लिए श्मशान घाट की ओर से गुजर रहा था। तभी उसकी नजर बच्ची की कब्र पर पड़ी — मिट्टी उखड़ी हुई थी, पास में दिया, चावल और झिल्ली में रखा मांस का टुकड़ा पड़ा था। आसपास तांत्रिक सामग्री बिखरी हुई थी। यह मंजर देखकर उसकी रूह कांप उठी।

कुछ ही देर में गांव में खबर फैल गई और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में कब्र की दोबारा खुदाई कर जांच की गई।

पिता की आंखों के सामने टूटा सब कुछ

मासूम की पहचान प्रिया साहू उर्फ लाडो के रूप में हुई। उसके पिता जितेंद्र साहू ने बताया कि 9 अक्टूबर 2025 को बेटी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब यह नई त्रासदी सामने आ गई।

जितेंद्र साहू के अनुसार, कब्र से बच्ची के कंकाल का सिर गायब है। आशंका जताई जा रही है कि किसी तांत्रिक ने रात में कब्र खोदकर सिर निकाल लिया और फिर मिट्टी डालकर कब्र को ढंक दिया, ताकि किसी को पता न चले।

गांव में डर और गुस्से का माहौल

इस अमानवीय घटना से पूरे गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि इंसानियत का भी अपराध है। एक मासूम, जो दुनिया से जा चुकी थी… उसकी शांति भी छीन ली गई।