
knn24news. कोंडागांव। आपने अक्सर लोगों को सब्जी के लिए कच्ची लौकी खरीदते देखा होगा, लेकिन हम छत्तीसगढ़ के ऐसे दो भाइयों की कहानी बताएंगे, जो सूखी लौकी बेंचकर अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. अपना जीवन यापन कर रहे हैं. खराब लौकी को पहले ज्यादा कीमत पर खरीदते हैं, फिर उसको अपनी मेहनत की खूबसूरती लगाकर अच्छी कीमतों में बेचते हैं.
दरअसल, ये दो भाईयों की कहानी छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की है, जो सूखी लौकी खरीदकर उसे कलाकृति में बदलते हैं. ये दोनों भाई बस्तर के जनजातीय जीवन का हिस्सा लौकी से आर्कषक कृतियां बनाते हैं. एक भाई का नाम दीपक, दूसरे का जगत और जगत की पत्नी तिलोचनी मिलकर लौकी पर कलाकृति करते हैं. इन्होंने कुछ करने की चाह में शिल्प की एक नई विघा का सृजन कर डाला है.









