Thursday, April 16, 2026

स्कूलों के लिए सरकार की नई गाइडलाइन:जिन राज्यों में कोरोना केस 5% से कम वहीं स्कूल खुलेंगे, अंतिम फैसला राज्य सरकार लेगी

बच्चों का स्कूल आना अनिवार्य होगा या ऑनलाइन क्लास कर सकते हैं, यह निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकारों पर छोड़ा गया है। केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइंस में कहा गया कि राज्य स्थानीय स्थिति के आधार पर स्कूल खोलने का निर्णय ले सकते हैं। बच्चों के स्कूल जाने पर फैसला पेरेंट्स से बात करके होगा। बच्चे यदि स्कूल नहीं आना चाहते हैं तो उपस्थिति को लेकर छूट दी जाए।

केंद्र ने कहा है कि अगर स्कूल में पर्याप्त जगह है तो बच्चों को खेल-कूद, गीत-संगीत सहित अन्य एक्टिविटी की छूट होगी। स्कूल के समय को कम किया जा सकता है। क्लास रूम में दो विद्यार्थियों के बीच की दूरी कम से कम छह फीट होनी चाहिए। यदि कोई स्टाफ कंटेनमेंट जोन में रहता हो तो उसे स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी।

नीति आयोग के सदस्य वी.के.पॉल के मुताबिक, कोविड-19 के नए मामलों में लगातार गिरावट देखने को मिली है और पहले से स्थिति में सुधार आया है। देशभर के 268 जिलों में कोविड पॉजिटिव रेट 5% से कम है। इन जिलों में स्पष्ट रूप से स्कूलों को फिर से खोलने की दिशा में बढ़ा जा सकता है। इस संबंध में फैसला राज्य सरकारों को करना होगा। जिसके बाद राज्य चाहे तो स्कूलों को फिर से खोल सकती है।

इधर, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि 11 राज्यों में स्कूल पूरी तरह से खुले हैं, जबकि 16 राज्यों में ज्यादातर उच्च कक्षाओं के स्कूलों को खोल दिया गया है। वहीं, 9 राज्य ऐसे हैं जहां स्कूल बंद हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक नई और संशोधित गाइडलाइन और कोविड प्रोटोकॉल जारी किया है। इन सभी प्रोटोकॉल का पालन स्कूल खोलने के दौरान किया जाएगा।