Tuesday, August 4, 2026

स्थानांतरण के बाद भी जमे हुए है अधिकारी, कोरबा नगर निगम का मामला

कोरबा. अधिकारी तो अधिकारी होते हैं। जब मर्जी हुआ तो ट्रांसफर ले लेते हैं नहीं तो बैठकर विभाग में मक्खन खाते हैं, और जहां मक्खन मिल रहा है वहां कैसे पद को छोड़ सकते हैं। ऐसा ही वाक्य कोरबा जिला के नगर निगम का है। जहां एक अधिकारी को 2022 में कोरबा से बिलासपुर स्थानांतरण किया गया था। 6 माह बीत जाने के बाद अब तक बिलासपुर में पदभार ग्रहण नहीं किया और नगर निगम कोरबा में अब तक पद पर बैठा है। यह क्या मजबूरी है समझ में नहीं आता अधिकारी राज्य सरकार की आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। जिसको लेकर नगर निगम आयुक्त से शिकायत भी की हैं।

 

कोरबा नगर निगम में पदस्थ कार्यपालन अभियंता आरके माहेश्वरी को 13 दिसंबर 2022 को बिलासपुर स्थांनान्तरण के बाद भी आज तक कोरबा से कार्यमुक्त नहीं हुआ है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर, अटल नगर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिनांक 13 दिसंबर 2022 को क्रमांक एफ 4-1/2022/18 को नगर निगम कोरबा पदस्थ कार्यपालन अभियंता आरके माहेश्वरी का स्थानांतरण प्रभारी अधीक्षण अभियंता (या.प्र) नगरीय प्रशासन एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर किया गया था, आदेश में स्पष्ट उलेखित है कि 7 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थान पर कार्यभार ग्रहण करेंगे, समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा, वेतन आहरित होने पर नियंत्रण अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। किन्तु आज 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरके माहेश्वरी कोरबा नगर निगम से रिलीव नही हुए है जो कि शासकीय आदेश की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता है|

 

 

इसको लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा के बद्री अग्रवाल ने शिव कुमार डहरिया नगरीय निकाय मंत्री छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा हैं। बद्री अग्रवाल का कहना है कि आरके माहेश्वरी को कोरबा नगर निगम से तत्काल रिलीव करते हुए नवीन पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण करने हेतु आदेशित करें साथ ही शासन के आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए उनकी सेवा पुस्तिका में भी दर्ज करते हुए उन पर कार्यवाही करने की मांग की है।