कमर्शियल उड़ान के लिए गाेपालपुर के आसपास तलाशी जा रही जमीन, रूमगरा हवाई पट्टी की भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्तकमर्शियल उड़ान के लिए गाेपालपुर के आसपास तलाशी जा रही जमीन, रूमगरा हवाई पट्टी की भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त
नए मेडिकल काॅलेज भवन निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने जरूरी 25 एकड़ जमीन के लिए संभावित स्थल तलाश लिया है। इसमें रूमगरा हवाई पट्टी और सीएसईबी के बंद पड़े संयंत्र परिसर काे चुना गया है। जिसमें से किसी एक स्थान काे शासन की स्वीकृत मिलेगी। लेकिन अब तक की जाे स्थिति बनी है उससे रूमगरा हवाई पट्टी की जमीन पर ही नए मेडिकल काॅलेज भवन का निर्माण लगभग फाइनल है।
क्याेंकि जिस 38 एकड़ में रूमगरा हवाई पट्टी बनी है, वह सीएसईबी की जमीन है। हवाई पट्टी 80 के दशक में संयंत्र निर्माण के दाैरान विदेशी इंजीनियरों की आवाजाही के लिए चार्टर प्लेन उतारने के लिए बनी थी। इसके बाद उपयाेग नहीं रहा। बालकाे संयंत्र के निजीकरण के बाद प्रबंधन ने हवाई पट्टी का रखरखाव और उपयाेग शुरू किया जाे अब तक जारी है।
इसके अलावा हवाई पट्टी में ही शासन के विमान भी कभी-कभार उतरते हैं। हालांकि अब जिला प्रशासन कमर्शियल उड़ान के लिए दूसरे जगह जमीन तलाश रही है। रूमगरा एयर स्ट्रीप का उपयाेग बंद हाे जाएगा तो जमीन खाली हाे जाएगी। दूसरी ओर बंद संयंत्र का डिस्मेंटल हाेने में कम से कम 2 साल लगेगा।औद्याेगिक जिला हाेने से काेरबा में लंबे समय से हवाई सेवा के लिए कमर्शियल उड़ान की मांग चल रही है। रूमगरा हवाई पट्टी के शहर के करीब हाेने और आसपास प्लांट से निकले ट्रांसमिशन लाइन का जाल हाेने से वहां रनवे के विस्तार के बाद भी कमर्शियल उड़ान संभव नहीं रहेगी। ऐसे में जिला प्रशासन हवाई अड्डे के लिए नई जगह तलाश रहा है। गाेपालपुर के पास 80 एकड़ सरकारी जमीन खाली हाेने से वहां नया हवाई अड्डा बनाने की याेजना है।








