Thursday, August 27, 2026

हाईकोर्ट सख्त: बेमेतरा के पथर्रा ओपन जेल को जल्द करें पूरी तरह तैयार, अक्टूबर में देना होगा प्रगति रिपोर्ट

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में स्थापित ओपन जेल के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि ओपन जेल को केवल कागजों में स्थापित करने के बजाय वहां जरूरी स्टाफ, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि इसे अधिसूचित नियमों के अनुरूप पूरी तरह कार्यशील बनाया जा सके।

हाईकोर्ट ने जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक को अक्टूबर 2026 में नया शपथपत्र पेश कर प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट के 13 जुलाई 2026 के आदेश के बाद 14 जुलाई को ग्राम पथर्रा में ओपन जेल की औपचारिक स्थापना की जा चुकी है।

इसके बाद सरकार ने 13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026 भी निर्धारित कर दिए हैं। हालांकि, ओपन जेल को वास्तविक रूप से संचालित करने के लिए अभी कई जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं।

13 जुलाई के आदेश के बाद 14 जुलाई को हुई स्थापना

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि कोर्ट के 13 जुलाई के आदेश के अनुपालन में 14 जुलाई 2026 को ग्राम पथर्रा में ओपन जेल की औपचारिक स्थापना कर दी गई थी।

इसके बाद जेल के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने नियम बनाने की प्रक्रिया पूरी की। 13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026 निर्धारित किए गए।

इन नियमों के लागू होने के बाद अब ओपन जेल में कैदियों के चयन से लेकर उनके रहने, प्रशिक्षण, अवकाश और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा सकेगा।

ओपन जेल के लिए बनाए गए नए नियम

राज्य सरकार द्वारा बनाए गए ओपन जेल नियमों में कैदियों की पात्रता और चयन प्रक्रिया को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसके अलावा पात्र कैदियों के स्थानांतरण, समिति के गठन और जेल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

नियमों में कैदियों को मिलने वाले अवकाश और पैरोल की व्यवस्था के साथ-साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं।

इसका उद्देश्य ओपन जेल में रहने वाले कैदियों को नियंत्रित वातावरण में रहते हुए समाज के साथ दोबारा जुड़ने का अवसर देना है।

48 पदों के सृजन का प्रस्ताव

राज्य सरकार ने पथर्रा ओपन जेल के संचालन के लिए 48 पदों के सृजन और सीधी भर्ती की अनुमति का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जेल अधीक्षक प्रभारी सहित अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति के प्रस्ताव भी शासन के विचाराधीन बताए गए हैं।

हाईकोर्ट ने इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट का जोर इस बात पर है कि जेल की स्थापना के बाद आवश्यक मानव संसाधन और दूसरी व्यवस्थाएं भी जल्द पूरी हों, ताकि इसका संचालन प्रभावी तरीके से किया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चुनौती

ओपन जेल के संचालन में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बाहरी सुरक्षा व्यवस्था है। जेल विभाग ने बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की एक कंपनी तैनात करने की मांग की है।

हालांकि, पुलिस मुख्यालय की ओर से पहले CAF की कंपनी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई गई थी। बताया गया कि माओवादी हिंसा प्रभावित जिलों में तैनाती और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों के कारण बल पहले से ही व्यस्त है।

इसके बावजूद जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोबारा प्रयास जारी रखे हैं।

जेल विभाग ने तीन बार किया CAF तैनाती का अनुरोध

राज्य के जेल विभाग ने ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए CAF कंपनी उपलब्ध कराने का अनुरोध दोबारा किया है। विभाग की ओर से 14 जुलाई, 5 अगस्त और 14 अगस्त 2026 को कंपनी की तैनाती के लिए अनुरोध किए जाने की जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई।

इससे स्पष्ट है कि पथर्रा ओपन जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

केवल कैदियों को रखने की व्यवस्था नहीं होगा ओपन जेल

पथर्रा ओपन जेल का उद्देश्य पारंपरिक जेल की तरह केवल कैदियों को रखने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य कैदियों का पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और समाज में पुनर्स्थापन करना है।

ओपन जेल की अवधारणा में ऐसे कैदियों को बेहतर अवसर देने पर जोर दिया जाता है, जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं और जिन्हें नियंत्रित लेकिन अपेक्षाकृत स्वतंत्र वातावरण में काम करने तथा समाज से दोबारा जुड़ने का अवसर दिया जा सकता है।

इसी उद्देश्य से पथर्रा में कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने की तैयारी की जा रही है।

कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण की तैयारी

ओपन जेल में रहने वाले कैदियों के लिए कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके तहत उन्हें ऐसे कौशल सिखाए जाने की तैयारी है, जिनका उपयोग वे जेल से बाहर आने के बाद रोजगार या स्वरोजगार के लिए कर सकें।

इसके अलावा आईटीआई और रोजगार से जुड़े अवसरों से जोड़ने की भी तैयारी है। इसका मकसद कैदियों को जेल से बाहर निकलने के बाद अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना है।

इस तरह ओपन जेल को सुधारात्मक व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।