भिलाई — अंधविश्वास और देवी साधना के नाम पर करीब 13 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो ठगों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जबकि लगभग 5 लाख रुपये कीमत के सोने के कंगन लेकर फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
मां की बीमारी का उठाया फायदा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिंधी कॉलोनी निवासी संजय अठवानी ने 21 जनवरी को छावनी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनकी दुकान पर दो लोग साइकिल देखने के बहाने पहुंचे। सामान्य बातचीत के दौरान उन्होंने अपना नाम राजू बताया और संजय का मोबाइल नंबर ले लिया।
बातचीत में ठगों को यह जानकारी मिली कि संजय की मां अक्सर बीमार रहती हैं। इसी का फायदा उठाते हुए राजू ने दावा किया कि वह पूजा-पाठ और देवी साधना के माध्यम से उनकी मां को पूरी तरह ठीक कर सकता है, लेकिन इसके लिए खर्चा करना पड़ेगा।
पूजा के नाम पर लाखों की मांग
ठगों के कहने पर संजय ने 16 जनवरी को चढ़ावे के रूप में एक नारियल और 1100 रुपये दिए। इसके बाद आरोपियों ने विधिवत पूजा कराने की बात कहते हुए मां के पहने हुए सोने के कंगन और चार लाख रुपये घर के मंदिर में रखने को कहा।
कुछ समय बाद संजय को पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास बुलाया गया, जहां उसने सोने के कंगन और 8 लाख रुपये नकद आरोपियों को सौंप दिए। ठगों ने भरोसा दिलाया कि वे शाम को घर आकर पूजा कराएंगे, लेकिन इसके बाद उनका मोबाइल बंद आने लगा।
सीसीटीवी से खुला राज
शाम तक संपर्क नहीं होने पर संजय को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें एक महिला सहित तीन लोग ऑटो रिक्शा से रायपुर की ओर जाते नजर आए।
रायपुर से गिरफ्तारी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम ने रायपुर के सरोना इलाके में एक मकान पर दबिश दी। वहां से चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) निवासी बाबूलाल और एक बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 8 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
मुख्य आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य आरोपी शंकर है, जो करीब 5 लाख रुपये के सोने के कंगन लेकर फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।







