Sunday, May 10, 2026

अवैध मुरुम तस्करों पर मेहरबान राजस्व अमला… पहले पकड़ा फिर बिना कार्रवाई के छोड़ा

कोरबा। शहर में इन दिनों अवैध खनिज तस्कर चांदी काट रहे है, तो राजस्व अमला भी इन खनिज माफियो पर मेहरबान दिख रहे है। पिछले 11 दिसंबर को अवैध मुरुम उत्खन में संलिप्त वाहनों को जब्त कर तहसीलदार साहब ने खूब वाहवाही लूटी थी अब उन्ही तस्करो पर मेहरबान होकर जप्त वाहनों को बिना कार्रवाई छोड़ दिया। जब अवैध उत्खनन में संलिप्त वाहनों को छोड़ने की जानकारी मिली तो सोशल मीडिया में राजस्व अमले की मेहरबानी की पोस्ट वायरल होने लगी। बढ़ता दबाव देखकर आखिरकार साहब ने दूसरा रास्ता अख्तियार किया और जब्ती 9 दिन बाद यानी 20 दिसंबर को खनिज विभाग को फाइल भेजने की बात कह रहे है। बहरहाल नए साहब के कारनामे भी अब चर्चा का विषय बन गया है।

बता दें कि इन दिनों अवैध खनिज तस्करी जोरो पर है. वजह है प्रशसान के अधिकारियों की नाकामी। इसका फायदा बखूबी खनिज माफिया उठा रहे है। दबाव बढ़ता है तो प्रशासन के अधिकारी एक दो कार्रवाई कर फोटो जरूर छपवा लेते है पर असल खनिज तस्करो पर उनका संरक्षण रहता है। यही वजह है कि पिछले दिनों कोरबा तहसीलदार की टीम ने अवैध मुरुम उत्खनन और परिवहन करने वाले 5 ट्रैक्टर और एक जेसीबी को जब्त किया था। अवैध उत्खनन में लगे वाहनों को जब्त कर तहसील कार्यलय में रखा गया था लेकिन कुछ दिन बाद वाहन परिसर से गायब हो गए। जब्त वाहन गायब होने की सुचना पर आरटीआई कार्यकर्त्ता ने जब जानकारी खंगाली चौकाने वाला खुलासा हुआ। वाहन को आपसी लेंन देंन के आधार पर छोड़ने की बात कही जाने लगी। इसे लेकर मनीष राठौर ने जब फोन पर बिना कार्रवाई के गाड़ी छोड़ने की जानकारी तहसीलदार से ली तो तहसील कार्यालय के अधिकारियो में हड़कंप मचा और कार्रवाई का दूसरा रास्ता अख्तियार कर बिना वाहन जब्त के कार्रवाई करने खनिज विभाग को पत्र लिख डाला।