Sunday, July 5, 2026

*इतवारी बाजार की चिकन दुकानों के कारण लोग परेशान, आये दिन विवाद की स्थिति होती हैं निर्मित, मंदिर और स्कूल के पास दुकानों खुलेआम कटिंग*

कोरबा:इतवारी चौक कोरबा व्यस्तम मार्ग हैं चौक पर ही गायत्री मंदिर व स्कूल तथा आर्यसमाज का स्कूल स्थित हैं।इसके आसपास बड़ी संख्या में रहवासी रहते हैं।इन सबके के लिए सर दर्द और परेशानी का कारण इतवारी बाजार मार्ग पर मुर्गे मटन की दुकान का होना हैं।और यहां दुकानों की संख्या भी बढ़ती जा रही हैं जबकी निगम द्वारा मुर्गा, मटन और मछली बाजार की अलग से व्यवस्था की गई हैं इसके बावजूद इतवारी बाजार मार्ग के दोनों ओर चिकन दुकान संचालित है। दुकानदारों द्वारा दुकान के सामने टेबल लगाकर मुर्गा काटा जा रहा हैं जिसके कारण यहां न केवल गंदगी हो रही हैं बल्कि इस मार्ग से आने जाने वाले लोगो भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।चिकन दुकान के कारण अन्य दुकानदारों और उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीना दुर्भर हो गया हैं।कई बार तो

मुर्गी-मटन व्यवसायियों द्वारा पंख एवं अन्य अवशिष्ठ एवं प्रदूषित पदार्थों यहां वहां फेक दिया जाता हैं जिसके कारण गंदगी में यहां काफी रहती हैं। निगम द्वारा अन्यत्र चिकन,मटन व मछली विक्रेताओं के लिए व्यवस्था की गई हैं तो इतवारी बाजार में चिकन विक्रेता क्यो जमे हुए हैं और इन्हें किनका सरक्षण प्राप्त है।यहां यह बात भी उल्लेखनीय हैं कि गायत्री मंदिर समीप भी चिकन विक्रेताओं द्वारा कब्जा कर दुकान संचालित की जा रही हैं।जबकी मंदिर व स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार इस क्षेत्र से मांस की दुकानों को हटाने की मांग नगर पालिका निगम से की गई किन्तु अभी तक निगम ने ठोस कार्यवाही नहीं की गई।बता दे कि मंदिर के श्रद्धालुओं के अलावा गायत्री स्कूल के छात्र छात्राओं और उनके अभिभावकों को नियमित इस मार्ग से गुजरना पड़ता हैं। मंगलवार को छोड़कर बाकी दिन यहां सब्जी बाजार लगता हैं आसपास अन्य जरूरी सामानों की दुकानें भी हैं इसलिए लोगो का इस मार्ग पर आना जाना लगा रहता हैं।चिकन दुकानों के कारण हर किसी को परेशानी हो रही हैं।निगग के आला अधिकारी भी आंख बंद कर तमाशा देख रहे हैं या फिर चिकन दुकानों से इनका भी स्वार्थ सिद्ध हो रहा हैं यह अपने आप मे एक प्रश्न का विषय बना हुआ हैं।

निगम महापौर का पहला दायित्व यह होता हैं कि वह जनता की समस्या का त्वरित समाधान करें।क्योंकि वह शहर सरकार का मुखिया होता हैं। महापौर की छबि का आंकलन भी समस्याओं के समाधान करने पर ही निकाला जाता हैं। निगग क्षेत्र की जनता छोटी छोटी समस्या को लेकर यदि परेशान है तो इसका असर आगामी चुनाव में कांग्रेस पर भी पड़ सकता हैं