
शिवसेना ने व्हिप जारी कर बुधवार शाम 5 बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। उससे 50 मिनट पहले एकनाथ शिंदे ने पार्टी व्हिप को अवैध बता चीफ व्हिप सुनील प्रभु को हटाने की घोषणा कर दी। साथ ही भरत गोगावले को इस पद पर नियुक्त भी कर दिया। साथ ही शिंदे ने विधायक दल के नेता होने का दावा ठोकते हुए 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी।
साफ है सरकार के साथ पार्टी पर भी कब्जा करने की कोशिश। शिंदे दावा कर रहे हैं कि उनके पास 46 विधायक हैं। हालांकि, गुवाहाटी में अभी शिवसेना के 35 और 2 निर्दलीय विधायक हैं। 3 और विधायक महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ गुवाहाटी के लिए निकल चुके हैं। यानी कुल 40 विधायक।
उद्धव ने शाम को फेसबुक लाइव किया। कहा कि शिंदे सामने तो आएं, सामने आकर कहें कि मुख्यमंत्री पद पर मैं न बैठूं तो मैं सबकुछ छोड़ दूंगा। इस स्पीच के बाद ही शरद पवार उद्धव से मिलने पहुंचे।
बताया जा रहा है कि एक घंटे चली मीटिंग में पवार ने उद्धव को सलाह दी है कि शिंदे को ही मुख्यमंत्री बना दो। इस सबके बीच बागी शिंदे ने महाराष्ट्र आने का उद्धव का प्रपोजल ठुकरा दिया है। उन्होंने ट्वीट किया कि अघाड़ी सरकार का गठबंधन ही बेमेल है। इस गठबंधन से शिवसेना कमजोर हो रही है। इससे बाहर आना जरूरी है, क्योंकि इसमें कांग्रेस और राकांपा मजबूत हो रही है। हमें महाराष्ट्र के हित में फैसला लेना है।









