
कर्नाटक में पिछले कई दिनों से पोस्टर विवाद जारी है। एक दिन पहले यहां के विजयपुरा जिले में भाजपा ने कांग्रेस के रीजनल हेड ऑफिस में सावरकर की तस्वीरें चिपका दीं। अब हिंदू सेना ने धमकी देते हुए कहा है कि उनकी संस्था उन लोगों के हाथ काट देगी जो सावरकर के पोस्टरों को हटाने की कोशिश करेंगे।
हिंदू सेना के प्रमुख प्रमोदी मुथालिक ने कहा सावरकर मुस्लिमों के खिलाफ नहीं थे, वे अंग्रेजों के खिलाफ थे। अगर कोई मुस्लिम या कोई कांग्रेस कार्यकर्ता सावरकर की उन तस्वीरों या पोस्टरों को हाथ लगाएगा जिन्हें हमने लगाया है तो हम उसके हाथ काटकर फेंक देंगे। यह हमारी चेतावनी है। सावरकर ने 23 साल देश के लिए लड़ाई लड़ी है। हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि सावरकर के योगदानों और उनके कामों को हर कोने में दर्शाया जाए।
हिंदू महासभा गौरी गणेश सेवा समिति के प्रेसिडेंट राकेश रामामूर्ति ने कहा कि हमने गणेश चतुर्थी के पोस्टरों पर बाल गंगाधर तिलक और वीर सावरकर की तस्वीरों को शामिल किया है। कुछ शरारती तत्व इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन हमें इसकी परवाह नहीं है। हमने कुछ पोस्टर लगा दिए हैं और कुछ पोस्टर जल्दी लगाए जाएंगे। वीर सावरकर स्वतंत्रता सेनानी थे।
प्रमोद मुथालिक ने एक दिन पहले बताया कि राज्य में कम से कम 15 हजार जगहों पर वीर सावरकर और तिलक के पोस्टर लगाए जाएंगे। हम इन दोनों स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए अभियान चलाना चाहते हैं।
कर्नाटक के शिवमोगा में पिछले सोमवार को दो गुटों में झड़प हुई थी। यहां के अमीर अहमद सर्कल में हिंदू संगठन के लोगों ने वीर सावरकर का पोस्टर लगाया था। इसके बाद टीपू सुल्तान सेना ने विरोध किया और अपना झंडा लेकर पहुंच गए।









