रायपुर। प्रदेश में हुए बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच लगातार सनसनीखेज खुलासे कर रही है। सरकारी अनाज की मिलिंग, परिवहन और बिलिंग से जुड़े इस बड़े घोटाले में करोड़ों रुपये की अवैध वसूली कैसे होती थी, इसका पूरा नेटवर्क उजागर हो चुका है।
दीपेन चावड़ा—पूरे रैकेट का ‘मुख्य कैश कलेक्शन एजेंट’
झारखंड के धनबाद निवासी दीपेन चावड़ा को EOW ने इस पूरे घोटाले का सबसे अहम कड़ी बताते हुए चार्जशीट दाखिल की है। आरोप पत्र में बताया गया है कि दीपेन, घोटाले के मुख्य आरोपित अनवर ढेबर का सबसे भरोसेमंद आदमी था, जो राज्यभर से अवैध वसूली की रकम जुटाने और सुरक्षित पहुंचाने का काम करता था।









