Friday, April 10, 2026

कुंभ वायरल गर्ल’ शादी मामला: NCST जांच में बड़ा खुलासा, नाबालिग बताकर रचाई गई शादी

महेश्वर/नई दिल्ली। ‘कुंभ वायरल गर्ल’ की शादी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, जबकि जांच में उसकी उम्र महज 16 साल 2 माह पाई गई है।

जांच में सामने आया सच

आयोग अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में जांच टीम ने महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें पुष्टि हुई कि पीड़िता का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। ऐसे में 11 मार्च 2026 को केरल में हुआ विवाह पूरी तरह अवैध है, क्योंकि उस समय वह नाबालिग थी।

जांच में यह भी सामने आया कि नगर पालिका महेश्वर से जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के पुअर गांव में शादी का पंजीकरण कराया गया, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आरोपी पर पॉक्सो और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस

पीड़िता के पिता की शिकायत पर महेश्वर थाने में आरोपी फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

आरोप है कि आरोपी ने लड़की को फिल्म स्टार बनाने और मोटी कमाई का लालच देकर केरल बुलाया और वहां बहला-फुसलाकर शादी कर ली।

PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की जांच

मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के सामने पीएफआई और केरल के कुछ राजनीतिक संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आशंका जताई जा रही है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या एजेंडे से जुड़ा हो सकता है, जिसमें विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है।

वीआईपी होटलों में ठहरने का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस पूरे मामले को आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी जांच रहा है।