Knn24news/कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे जिले में पूर्ण लॉक डाउन लगाया गया है हालांकि जिला प्रशासन ने आवश्यक कार्य को अनुमति दिया है लेकिन जिले में कई जगहों पर प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन या यूं कहें कोविड प्रोटोकाल के नियमों को तोड़ा जा रहा है। ताजा मामला बालको संयंत्र का है जहां कोविड 19 प्रोटोकाल के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बसों एवं चार पहिया वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठा कर परिवहन किया जा रहा है वही सैकड़ों मजदूर बालको संयंत्र में प्रतिदिन आना-जाना कर रहे है।उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक निर्देश के अनुसार अति आवश्यक वर्कर्स को छोड़ संयंत्र में ही रहकर काम लेने के निर्देश प्रशासन ने जारी किया है जिसका खुलेआम उल्लंघन हो रहा है बालको संयंत्र में काम करने वाले वर्करों को रवि शंकर शुक्ल नगर कोरबा सहित विभिन्न स्थानों से बसों में क्षमता से अधिक लाने ले जाने की मनमानी सामने आई है जबकि प्रशासनिक जारी निर्देश के अनुसार किसी भी चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा तीन लोगों को बैठने की अनुमति दिया गया है तथा बसों में क्षमता से आधा या यू कहें 20 लोगों की सीटिंग क्षमता वाले सवारी बस में मात्र 10 लोगों को ही सफर करना है ताकि प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन ना हो और संक्रमण का खतरा भी ना रहे वही इस संयंत्र में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रमिक स्लम बस्तियों में रहते हैं और वहां से प्रतिदिन संयंत्र आना-जाना कर रहे हैं वर्तमान स्थिति सबके सामने स्पष्ट है कोरोनावायरस की संख्या जिले के साथ स्लम बस्तियों में भी देखने को मिल रहा है इस तरह सैकड़ों की संख्या में मजदूरों के आने जाने से संक्रमण का खतरा निसंदेह बढ़ रहा है।हालांकि जिला प्रशासन ने संयंत्रों में काम करने वाले मजदूरों को लेकर जारी गाइडलाइन में आवश्यकता अनुरूप ही वर्कर या यूं कहें संयंत्रों को चालू रखने अति आवश्यक मजदूरों एवं अधिकारियों कर्मचारियों से कार्य लेना है इस तरह के मामलों में कॉविड प्रोटोकॉल का किसी बिंदु पर उल्लंघन ना हो और संक्रमण को हराया जा सके इन दोनों महत्वपूर्ण स्थितियों पर संयंत्र और प्रशासनिक अधिकारियों को विचार करने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन ना हो। इस संबंध में बालकों ने बताया संयंत्रों के लिए अलग निर्देश है जबकि चार पहिया अथवा बसों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठा कर परिवहन करने को लेकर जिला प्रशासन सख्त है।