Tuesday, May 19, 2026

कोरबा : अलग-अलग दुर्घटनाओं में 5 लोगों की मौत, कई घायल

कोरबा। कोरबा जिले में सोमवार का दिन हादसों से भरा रहा। सुबह से लेकर देर शाम तक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए सड़क और औद्योगिक हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसों के बाद कई जगहों पर आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग पर दो युवकों की मौत, लोगों ने किया चक्काजाम

देर शाम जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

मृतकों की पहचान Prakash और Bablu के रूप में हुई है। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध रेत परिवहन का कारोबार चल रहा है, जहां देर शाम और रात के समय तेज रफ्तार ट्रैक्टर दौड़ते हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी वाहन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन ग्रामीण इसे अवैध रेत परिवहन में लगे ट्रैक्टर का मामला बता रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने पर बांकीमोंगरा, कुसमुण्डा, दीपका थाना और सर्वमंगला चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। समाचार लिखे जाने तक देर रात चक्काजाम जारी था।

पिकनिक से लौट रहे युवकों की ऑटो पलटी, दो की मौत

दूसरी घटना बालको थाना क्षेत्र के ग्राम अजगरबहार के पास हुई, जहां पिकनिक मनाकर लौट रहे युवकों से भरी ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि करीब 10 युवक झोराघाट और सतरेंगा क्षेत्र से लौट रहे थे।

हादसे में Sonu Yadav और Satyam Yadav की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। राहगीरों और साथियों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

फ्लाई ऐश ईंट फैक्ट्री में महिला मजदूर की दर्दनाक मौत

तीसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गोढ़ी स्थित Prem Enterprises में हुई। यहां मशीन की सफाई के दौरान महिला मजदूर मशीन में दब गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला चालू मशीन की सफाई कर रही थी, तभी अचानक लीवर नीचे गिर गया और वह मशीन की चपेट में आ गई।

घटना के बाद ग्रामीण और मृतका के परिजन मौके पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। बाद में Phool Singh Rathia के हस्तक्षेप के बाद समझौता हुआ।