कोरबा। जब संजू देवी ने पहली बार मैदान पर कदम रखा था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह लड़की एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। लेकिन कहते हैं न, “काबिलियत को पहचानने के लिए एक नज़र और हौसला देने के लिए एक सही हाथ की जरूरत होती है।”

कोरबा की संजू देवी के इंडिया टीम तक पहुंचने में तिवरता आयोजन समिति का सबसे बड़ा योगदान रहा। यही वह मंच था, जहां पहली बार लोगों ने संजू की प्रतिभा को पहचाना और उसे आगे बढ़ाने की पहल की। इस आयोजन ने न सिर्फ उसे अपनी क्षमताओं को दिखाने का मौका दिया, बल्कि उसे एक दिशा भी प्रदान की।

हरिशंकर दुबे: एक मेंटर, जिन्होंने संजू को उड़ान दी

सिर्फ एक मंच ही काफी नहीं होता, उस मंच से आगे बढ़ाने के लिए एक सच्चे मार्गदर्शक की जरूरत होती है। हरिशंकर दुबे जी वही शख्स थे, जिन्होंने संजू को क्लब तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल उसे सही ट्रेनिंग का अवसर दिलाया, बल्कि हर कदम पर संजू का समर्थन किया।

आज, जब संजू देवी इंडिया टीम का हिस्सा बन चुकी हैं, तो कोरबा इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। लेकिन इस सफलता के पीछे तिवरता आयोजन समिति और हरिशंकर दुबे जी की मेहनत को कभी नहीं भुलाया जा सकता।

कोरबा की उम्मीदें संजू से जुड़ीं

संजू देवी की इस सफलता ने कोरबा के युवाओं के लिए एक प्रेरणा का काम किया है। यह साबित हो गया कि अगर प्रतिभा को सही मंच और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोरबा से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं।