कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष एवं वार्ड क्र. 44 के पार्षद श्री कृपाराम साहू ने नगर निगम की जनविरोधी नीतियों एवं लापरवाही के खिलाफ आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है। ज्ञापन में निगम की ओर से नागरिक सुविधाओं की अनदेखी और अनियमितताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जल संकट: गंदा पानी, बाधित आपूर्ति

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के 67 वार्डों में जल आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। शिकायत करने पर तकनीकी खराबी या अन्य बहाने बनाकर तीन से चार दिन तक सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे जनता को भारी परेशानी होती है। वहीं जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह पीने योग्य नहीं होता और बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है।

स्ट्रीट लाइट घोटाला: कमीशनखोरी का आरोप

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शहर में स्ट्रीट लाइट की भारी कमी है। कई वार्डों की बस्तियां अंधेरे में डूबी हैं, जिससे बारिश के मौसम में दुर्घटना और अपराध की आशंका बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर, कमीशन के चक्कर में जलती हुई लाइटों को बदला जा रहा है, जो निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

सफाई व्यवस्था बेहाल, व्यापारियों से वसूली

नगर निगम की सफाई व्यवस्था को दयनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि नालियां और हाट बाजारों में गंदगी फैली हुई है। सफाई की शिकायत करने पर नगर निगम के कर्मचारी गरीब व्यापारियों से 200 से 1000 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं। डस्टबिन की व्यवस्था भी व्यापारियों पर ही थोप दी गई है, जबकि सफाई के बजट में पहले से दो से तीन गुना वृद्धि की जा चुकी है।

विकास कार्यों में भेदभाव और भ्रष्टाचार

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि वार्डों में विकास कार्यों का असमान वितरण हो रहा है। कुछ वार्डों में 4-5 कार्य हो रहे हैं, जबकि कई वार्डों में एक भी कार्य शुरू नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर कमीशनखोरी के चलते अनावश्यक और अनुपयोगी कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है।