कोरबा। ट्रक क्रमांक सीजी 12 एस 4702 यह वही ट्रक है जिसमें बालकों के गीले राख परिवहन किया जा रहा है । वह भी दिन के उजाले में । यह पहली मर्तबा नहीं है जब बालकों की मनमानी इस तरह से उजागर हुई हो। ऐसे अनगिनत मामले प्रकाश में आ चुके हैं जिसने बालकों की कार्यप्रणाली को सबके सामने ला दिया है । लेकिन ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है जिसमें बालकों के खिलाफ प्रशासनिक या फिर पर्यावरण की तरफ से कोई कार्रवाई की गई हो । कोरबा शहर छत्तीसगढ़ का उर्जाधानी है। राजस्व के मामले में भी कोरबा प्रदेश में अव्वल है, लेकिन अगर बात पर्यावरण की करें तो कोरबा सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो चुका है, और हो भी क्यों ना यहां की पर्यावरण विभाग ने बालको जैसी संयंत्रों को खुली जो छूट दे रखी है।
एक ट्रक को गीले राख का परिवहन करते रंगे हाथ पकड़ा गया। ड्राइवर से जब इस तरह के कृत्य के बारे में पूछा गया तो वह बंगले झांकते हुए नजर आया । बार बार पूछने पर भी ड्राइवर द्वारा किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई । इस वीडियो में आप साफ तौर पर सड़क पर गिरे हुए गीले राख को देख सकते हैं।
अब तो आप सकते हैं कि बालको को सिर्फ अपने फायदे से मतलब है ना कि आम लोगों की सेहत से। वैसे भी यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस तरह बालकों की मनमानी सामने आई हो । इससे पहले भी कई मौकों पर इस तरह के नजारे देखने को मिल चुके हैं । लेकिन बालकों के ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं होती यह प्रश्न अभी बना हुआ है।