कोरबा: हसदेव ताप विद्युत परियोजना (दर्री) प्रबंधन द्वारा सीएसईबी कॉलोनी से स्याहीमुड़ी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बंद करने की कोशिशों पर फिलहाल विराम लग गया है। स्थानीय ग्रामीणों और आम जनता के कड़े विरोध के बाद प्रबंधन ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। अब यह मार्ग सामान्य आवागमन के लिए खुला रहेगा, जिससे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूर्व मंत्री मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं और सीधे प्रबंधन के अधिकारियों से चर्चा की। अग्रवाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि जनहित के रास्ते बंद करना उचित नहीं है।
लंबी बातचीत के बाद यह सहमति बनी:
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मार्ग को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा।
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सुरक्षा की दृष्टि से यहाँ 6 फीट का गेट लगाया जाएगा।
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गेट से सामान्य आवागमन (पैदल, दोपहिया और हल्के वाहन) पहले की तरह जारी रहेगा।
“एक फोन पर हो जाते थे काम”
इस दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तंज भी कसा। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
“मैं 15 साल तक विधायक और मंत्री रहा, लेकिन कभी ऐसी नौबत नहीं आई कि किसी काम के लिए इतनी बातचीत करनी पड़े। तब एक फोन पर ऐसे मसले हल हो जाते थे। आप स्वयं आकलन करें कि आज ये समस्याएं क्यों और किसके कारण उत्पन्न हो रही हैं।”
ग्रामीणों ने मनाया जश्न
रास्ता खुलने की खबर मिलते ही स्याहीमुड़ी और आसपास के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी क्षेत्र में कोई संकट आता है, जयसिंह अग्रवाल उनके साथ खड़े रहते हैं। इस निर्णय से स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों की बड़ी परेशानी दूर हो गई है।









