Friday, November 6, 2026

कोरबा में खुलेंगे 8 नए धान खरीदी केंद्र, 45 गांवों के किसानों को मिलेगी राहत; अब दूर नहीं जाना पड़ेगा

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में 8 नए धान खरीदी केंद्र खोलने की अनुमति मिल गई है। इससे जिले के 45 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब किसानों को अपनी धान की उपज बेचने के लिए दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनका समय और परिवहन खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही पुराने धान खरीदी केंद्रों पर भी किसानों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, किसानों की सुविधा और धान खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए उपार्जन केंद्रों की अनुमति दी गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर इन केंद्रों और उनसे जुड़े गांवों का निर्धारण किया गया है।

कोरबा में इन 8 जगहों पर खुलेंगे नए धान खरीदी केंद्र

जिले में नवापारा (सि.), परला, परसदा, डोडकी, ढोलपुर, पुरेना, चोड़ा और मुड़ाली में नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों से कुल 45 गांवों के किसानों को सुविधा मिलेगी।

किस केंद्र से जुड़ेंगे कौन-कौन से गांव?

1. नवापारा (सि.) धान खरीदी केंद्र: नवापारा, पाल ढुरेना, कोठीखर्रा, सरपता, सिमगा, गड़रा, जामकछार और घोंसरा सहित 8 गांव।

2. परला धान खरीदी केंद्र: कापनपारा, धुवापुर, चोटिया, परला, बनिया, भुजंगकछार, मड़ई, लमना, लाद, लालपुर और हड़मोरा सहित 11 गांव।

3. परसदा धान खरीदी केंद्र: परसदा, बापापुती और शिवपुर सहित 3 गांव।

4. डोडकी धान खरीदी केंद्र: ताड़पखना, डोडकी, नवापारा, नानबांका, बहनाईपुर, बड़ेबांका, मदनपुर, सगुना, भोंडकछार, भेलवाटिकरा और पटपरा सहित 11 गांव।

5. ढोलपुर धान खरीदी केंद्र: जोरहाडबरी, खमरिया, ढोलपुर और पथरी सहित 4 गांव।

6. पुरेना धान खरीदी केंद्र: पुरेना, खरहरी और जर्वे सहित 3 गांव।

7. चोड़ा धान खरीदी केंद्र: चोढ़ा, अंडीकछार और रामपुर सहित 3 गांव।

8. मुड़ाली धान खरीदी केंद्र: मुड़ाली और कटसीरा सहित 2 गांव।

किसानों का बचेगा समय, परिवहन खर्च में भी मिलेगी राहत

अब तक कई गांवों के किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक जाना पड़ता था। इससे उन्हें अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ता था। खासकर अधिक मात्रा में धान बेचने वाले किसानों को ट्रैक्टर या अन्य वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ती थी। नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अपने गांव के नजदीक ही धान बेचने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पुराने धान खरीदी केंद्रों पर भी कम होगा दबाव

धान खरीदी सीजन में कई केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग जाती हैं। एक साथ अधिक किसानों के पहुंचने से तौल और खरीदी प्रक्रिया में भी समय लगता है। ऐसे में 8 नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अलग-अलग उपार्जन केंद्रों में बांटने में मदद मिलेगी। इससे पुराने केंद्रों पर दबाव कम होगा और खरीदी व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से मिलेगी सुविधा

जिला प्रशासन के अनुसार, इन आठ नए धान खरीदी केंद्रों को खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों के लिए अनुमति दी गई है। हालांकि, किसानों को धान लेकर जाने से पहले संबंधित सहकारी समिति से केंद्र के संचालन, पंजीयन और टोकन संबंधी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

कुल मिलाकर, कोरबा जिले में 8 नए धान खरीदी केंद्रों की अनुमति से 45 गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे धान बेचने की प्रक्रिया आसान होगी और किसानों को अनावश्यक दूरी तय करने से छुटकारा मिल सकेगा।