कोरबा, 08 अप्रैल। शहर में डीजल संकट ने अब गंभीर रूप ले लिया है। डिपो से पेट्रोल पंपों को डीजल की सप्लाई पूरी तरह बंद होने के बाद हालात बिगड़ने लगे हैं। कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो सकती है।
पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से सप्लाई रोक दिए जाने के चलते पंप संचालक खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे चाहकर भी ग्राहकों को डीजल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। अचानक आई इस किल्लत ने शहर की सामान्य रफ्तार पर ब्रेक लगाने के संकेत दे दिए हैं।
परिवहन व्यवस्था पर पड़ने लगा असर
डीजल की कमी का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ने की आशंका है। बस, ट्रक और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। यदि जल्द ही सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो बाजारों में भी इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
पंप संचालकों के सामने संकट
शहर के पेट्रोल पंप संचालकों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सप्लाई पूरी तरह ठप होने के कारण उनके पास ग्राहकों को देने के लिए डीजल नहीं बचा है। कई पंपों पर “नो डीजल” की स्थिति बनने लगी है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति और बिगड़ने के आसार
अगर जल्द ही डीजल की सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कोरबा में हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस संकट का असर आम जनता, किसान, उद्योग और व्यापार पर पड़ना तय माना जा रहा है।









