जिले में 100 बेड हाेने के कारण इसी नाम से पहचाने जाने वाले जिला अस्पताल काे मार्च के अंतिम सप्ताह में मेडिकल काॅलेज के लिए अधिग्रहण कर लिया गया था। मेडिकल काॅलेज प्रबंधन द्वारा हाॅस्पिटल का संचालन भी अपने हाथ में ले लिया गया, लेकिन मेडिकल काॅलेज के लिए बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हाेने से हाॅस्पिटल में आगे की तैयारी रफ्तार नहीं पकड़ रही थी।

अब बिल्डिंग मिलते ही तैयारी तेज हाे गई है। इसलिए मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल में 100 बेड की जगह 357 बेड की व्यवस्था कर ली गई है। मेडिकल काॅलेज के डीन डाॅ. वायडी बड़गैय्या ने हाॅस्पिटल में मरीजाें काे चिकित्सा सुविधा और चिकित्सा शिक्षा के छात्राें के प्रेक्टिक्ल के लिए 12 विभाग तय कर दिए हैं। इन विभागाें के लिए वार्ड वार बेड भी आवंटित किया है। जल्द इन विभागाें के संचालन के लिए विशेषज्ञ डाॅक्टराें की नियुक्तियां भी शुरू हाे जाएंगी। मेडिकल काॅलेज प्रंबधन के मुताबिक हाॅस्पिटल में करीब 100 डाॅक्टर सेवारत रहेंगे। सभी विभाग के शुरू हाेने के बाद जिले से एक्सीडेंटल समेत अन्य केस में गंभीर मरीजाें काे दूसरे जिलाें या निजी अस्पतालाें में इलाज के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा।


मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल में आईसीयू-बर्न यूनिट तैयार हाे गए हैं। काेराेना संक्रमण के बढ़ने से कंपाेजिट बिल्डिंग में काेविड सेंटर बनाने की वजह से उक्त सुविधाओं के बेड का वहां इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन काेविड सेंटर में मरीजाें के दाखिल हाेने से पहले ही काेराेना संक्रमण कम हाे गया। अब बेड वापस आईसीयू-बर्न यूनिट में लगाकर तैयार कर लिया गया है। जल्द ही डाॅक्टर-स्टाफ पदस्थ कर सुविधाओं काे शुरू किया जाएगा।