कोरबा। कोयला खदान विस्तार के लिए अधिग्रहित ग्राम जरहाजेल के भूविस्थापितों और ग्रामीणों में एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रोजगार नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने कुसमुंडा क्षेत्र में प्रस्तावित बसाहट स्थल पर चल रहे लेबलिंग कार्य को रोक दिया और धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जमीन अधिग्रहण के बदले रोजगार नहीं दिया जाएगा, तब तक बसाहट स्थल पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने लेबलिंग कार्य में लगे वाहनों को भी रोक दिया।
भूविस्थापितों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन ने उनकी जमीन तो अधिग्रहित कर ली, लेकिन रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास के मामले में लगातार टालमटोल किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धरना प्रदर्शन की सूचना के बावजूद देर शाम तक न तो एसईसीएल प्रबंधन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही प्रशासन की ओर से कोई पहल की गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।









