कोरबा-गेवरा। विस्थापन प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान न होने के चलते गेवरा खदान में आज से कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया गया है। भू-विस्थापित ग्रामीणों ने 25 फरवरी से 30 मार्च तक खदान बंद आंदोलन की घोषणा के बाद आज सुबह से ही कोयला परिवहन में लगे वाहनों को रोक दिया और खदान में कामकाज पूरी तरह बाधित कर दिया गया।

प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच तनातनी, एफआईआर की धमकी पर भड़के लोग

इस बीच प्रबंधन द्वारा आंदोलनकारियों को धमकी दी जा रही है कि यदि हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्रबंधन की इस चेतावनी के बाद ग्रामीण और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए हैं।

भू-विस्थापितों का कहना है कि जब आम जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती है, तो शासन-प्रशासन मिलकर उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करवा देता है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि अगर हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और हम पर झूठे केस दर्ज किए गए, तो हम सामूहिक आत्महत्या करने पर मजबूर होंगे