चलती ट्रेन में गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव, रेलवे स्टाफ और यात्रियों की तत्परता से बची दो जिंदगियां

रायपुर। महबूबनगर (हैदराबाद) से चांपा जा रही एक गर्भवती महिला को रेल यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दुर्ग स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद महिला की हालत गंभीर होने लगी, जिससे वैनगंगा एक्सप्रेस के एस-2 कोच में अफरा-तफरी मच गई।

स्थिति को देखते हुए ट्रेन में तैनात टीटीई ईशांत शर्मा ने तत्काल वाणिज्य नियंत्रण रायपुर को सूचना दी। इसी बीच भिलाई स्टेशन पार करने के कुछ देर बाद महिला ने चलती ट्रेन में ही सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के दौरान कोच में मौजूद यात्रियों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला की हर संभव मदद की और परिवार का मनोबल बढ़ाए रखा।

घटना की जानकारी तुरंत रेलवे अस्पताल रायपुर, स्टेशन वाणिज्य अधीक्षक एम.एस. राजा, स्टेशन मास्टर एन.के. साहू, मंडल सुरक्षा नियंत्रण कार्यालय, यात्री गाड़ी नियंत्रण कार्यालय एवं स्टेशन टीटीई संजीत कुमार को दी गई। जैसे ही ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची, रेलवे की टीम डॉ. बिजोया और सिस्टर दीपमाला के साथ मौके पर पहुंची और महिला व नवजात का परीक्षण किया।

डॉक्टरों ने जांच में डिलीवरी को सफल बताया, हालांकि आगे की चिकित्सकीय देखरेख के लिए अस्पताल ले जाना आवश्यक बताया गया। पति की सहमति के बाद महिला और नवजात को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर एंबुलेंस के माध्यम से मेकाहारा अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों की हालत सामान्य है।

चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव और रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई की यात्रियों ने सराहना की है। इस दौरान यात्रियों की सहयोगात्मक भूमिका भी प्रशंसनीय रही।