दुर्ग (छत्तीसगढ़)। दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र स्थित बंजारीपारा में 4 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40 वर्ष) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में सश्रम कारावास और कुल 13,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
₹5 की टॉफी लेने निकली थी मासूम, बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी
घटना 10 अप्रैल 2026 की दोपहर लगभग 11:30 बजे की है। पीड़िता अपनी दादी से ₹5 लेकर पास की दुकान पर खाने का सामान खरीदने निकली थी। दुकान के पास मौजूद आरोपी धनेश्वर साहू ने मासूम को बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की।
बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने कपड़े से उसका मुंह दबाकर गला घोंटने की कोशिश की, जिससे वह बेहोश हो गई। आरोपी उसे मृत समझ बैठा और साक्ष्य छिपाने की नीयत से बच्ची को तकिया के कवर और जूट के बोरे में बंद कर घर के पीछे खंडहर में फेंक आया।
बोरे से बाहर निकले पैर ने बचाई जान
काफी देर तक बच्ची के घर न लौटने पर परिजनों और मोहल्ले वालों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान खंडहर के पास दो युवकों को बोरे से बच्ची का पैर बाहर निकला दिखाई दिया। बोरा खोलने पर मासूम लहूलुहान और बेहोश हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया।
حادثे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था और उन्होंने उतई थाने का घेराव कर प्रदर्शन भी किया।
15 दिन में चार्जशीट, 153 दिन में मिला न्याय
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें आरोपी बच्ची को ले जाता दिखाई दिया। 11 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार किया गया और महज 15 दिन की जांच के बाद 25 अप्रैल को अदालत में चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान फोरेंसिक जांच, डीएनए मिलान और कोर्ट में मासूम बच्ची द्वारा आरोपी की पहचान को अहम सबूत माना गया।
धाराओं के तहत मिली सजा
विशेष पॉक्सो अदालत ने 25 सितंबर को आरोपी को दोषी करार दिया और 26 सितंबर को सजा का आदेश जारी किया। आरोपी के खिलाफ BNS की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और SC/ST अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।









