Saturday, April 25, 2026

छत्तीसगढ़ में नकल पर कड़ा प्रहार: नया कानून लागू, 1 करोड़ तक जुर्माना और जेल का प्रावधान

रायपुर — छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा से पारित लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सख्त नियम लागू हो गए हैं।

सभी भर्ती परीक्षाओं पर लागू होगा कानून
यह नया कानून CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग), छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल, और विभिन्न निगम-मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं पर लागू होगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है।

पेपर लीक और हाईटेक नकल भी अपराध
नए प्रावधानों के तहत प्रश्नपत्र लीक करना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करना, फर्जी अभ्यर्थी बैठाना, ओएमआर शीट में हेरफेर और कंप्यूटर सिस्टम से नंबर बढ़ाना—all को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

कड़ी सजा: जेल और भारी जुर्माना
कानून में नकल और उससे जुड़े अपराधों के लिए कड़े दंड तय किए गए हैं:

  • अभ्यर्थी द्वारा नकल: परिणाम निरस्त, 1 से 3 साल तक परीक्षा से प्रतिबंध
  • नकल में सहायता/सेवा देने पर: 3 से 10 साल की सजा, 1 करोड़ तक जुर्माना
  • पेपर लीक: 3 से 10 साल की जेल, 10 लाख रुपए जुर्माना
  • संगठित नकल गिरोह: 3 से 5 साल की सजा, 1 करोड़ जुर्माना और संपत्ति जब्ती

जांच व्यवस्था भी हुई मजबूत
संगठित नकल मामलों की जांच अब उप निरीक्षक (SI) से नीचे के अधिकारी नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।

परीक्षा केंद्र में छोटी गलती भी पड़ेगी भारी
यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में उत्तर बताने की कोशिश करता है या किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री का उपयोग करता है, तो उस पर भी कार्रवाई होगी।