रायगढ़, 2 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से मानवता और कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक भयावह तस्वीर सामने आई है। तमनार ब्लॉक में जेपीएल (JPL) कोयला खदान के विरोध के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने न केवल कानून की मर्यादा लांघी, बल्कि ड्यूटी पर तैनात एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक हृदयविदारक वीडियो ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश पैदा कर दिया है।
बर्बरता की पराकाष्ठा: ‘भाई’ कहकर गिड़गिड़ाती रही महिला आरक्षक
इस हिंसक झड़प का जो वीडियो अब सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को निशाना बनाते हुए उसे करीब आधा किलोमीटर तक खेतों में दौड़ाया। जब वह थककर गिर गई, तो भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उपद्रवी महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ रहे हैं और उसे अर्धनग्न स्थिति में पहुँचा दिया गया। इस दौरान वह बेबस आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों के हाथ जोड़कर उन्हें ‘भाई’ कह रही थी और अपनी जान बख्शने की भीख मांग रही थी। जवाब में प्रदर्शनकारी उसे चप्पल से मारने की धमकी देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे।
घटना का क्रम: कैसे बेकाबू हुई भीड़?
यह पूरा विवाद जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 के विस्तार के खिलाफ 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई से शुरू हुआ था।
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12 दिसंबर: 14 गांवों के ग्रामीण खदान के विरोध में धरने पर बैठ गए।
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27 दिसंबर: सुबह करीब 9 बजे, 300 से अधिक ग्रामीण लिबरा चौक पर जमा हो गए और सड़क जाम कर दी।
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हिंसक मोड़: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद एक बार तो स्थिति संभली, लेकिन अचानक भीड़ उग्र हो गई। इसी दौरान महिला टीआई (TI) को लात मारने और महिला आरक्षक के साथ बदसलूकी की घटनाएं हुईं।
क्षेत्र में आक्रोश और कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रभावित 14 गांवों के लोगों ने इस हिंसक व्यवहार की कड़ी निंदा की है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि हक की लड़ाई में इस तरह की अमानवीय हरकत स्वीकार्य नहीं है। दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।









