Saturday, June 27, 2026

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्त निगरानी में जनप्रतिनिधियों के आपराधिक मामलों की सुनवाई, 15 से अधिक सांसद-विधायकों पर 20 से ज्यादा केस लंबित

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में वर्ष 2026 की स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 15 से अधिक वर्तमान और पूर्व सांसदों एवं विधायकों के खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामले विशेष एमपी-एमएलए अदालतों में लंबित हैं। इन सभी मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट की नियमित निगरानी में की जा रही है, ताकि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

रायपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा, देवेंद्र यादव समेत कई वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई जारी है। इनमें सरकारी कार्य में बाधा, प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों सहित अन्य प्रकरण शामिल हैं। वहीं कवासी लखमा से जुड़े ईडी की कार्रवाई और कथित शराब घोटाले के मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

इधर, बिलासपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन समेत अन्य मामलों की सुनवाई चल रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले और पूर्व भाजपा सांसद अभिषेक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों पर भी संबंधित अदालतों में सुनवाई जारी है।

हाईकोर्ट ने सभी विशेष अदालतों से लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट तलब की है और निर्देश दिए हैं कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कई मामलों में आरोप तय किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों में गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।