छत्तीसगढ़ में 15 दिन पहले मिला कोरोना का नया वैरिएंट ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। 1 अप्रैल को नए वैरिएंट N-440 की पुष्टि हुई थी। 15 अप्रैल तक राज्य में 1272 लोगों की मौत हो चुकी है। 9 अप्रैल से संक्रमण से जान गंवाने वालों में ऐसे लोग ज्यादा हैं, जिन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी।
एक्सपर्ट का कहना है कि नए वैरिएंट में लक्षण से लेकर मौत तक में काफी बदलाव आए हैं। जिन लोगों को डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां नहीं हैं, उनके लिए भी अब संक्रमण जानलेवा साबित हो रहा है।
संक्रमण रोकने से लिए लॉकडाउन का फैसला लिया गया है, लेकिन इसका खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। प्रदेश में गुरुवार को कोरोना के 53 हजार 454 टेस्ट हुए, जिसमें 15 हजार 256 पॉजिटिव मिले। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। संक्रमण दर 28.54 हो गई है। राज्य में केसों का आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 6 अप्रैल और रायपुर में 9 अप्रैल से लॉकडाउन लागू किया गया है। बाकी जिलों में 10, 11 और 12 अप्रैल से लॉकडाउन लगा। लॉकडाउन के बाद भी इस हफ्ते दो बार नए मरीजों की संख्या 15 हजार के पार गई है। गुरुवार से पहले 13 अप्रैल को 15 हजार 121 मरीज मिले थे।
लंबे लॉकडाउन की आशंका से दिहाड़ी मजदूर और रेहड़ी-पटरी कारोबारी शहरों से अपने गांवों की ओर पलायन कर रहे हैं। जो दूसरे प्रदेशों के रहने वाले हैं, वो अपने राज्यों में लौट रहे हैं। इनमें राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर में मजदूरी करने वालों की तादाद ज्यादा है। दूसरे राज्यों में काम करने गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों की वापसी भी तेजी से हो रही है। दिल्ली, सूरत, मुंबई, अहमदाबाद की ओर से आ रही ट्रेनों में काफी भीड़ है।
रायपुर से मुंबई, भुवनेश्वर, हावड़ा, पुरी, सूरत, तिरुनेल्वेली, विशाखापट्टनम और दिल्ली रूट पर आने-जाने वाली 8 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें अब जून के अंत तक चलेंगी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते यह फैसला लिया गया है। पहले इन गाड़ियों को केवल अप्रैल तक चलाने का फैसला हुआ था।









