
महाराष्ट्र के सियासी घमासान में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट अब आर-पार के मूड में दिख रहे हैं। मुंबई में शिवसेना की मीटिंग के बाद संजय राउत ने कहा कि बालासाहब नहीं, अपने बाप के नाम पर वोट मांगें। वहीं शिंदे गुट के विधायक दीपक केसरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि असली शिवसेना अब उन्हीं लोगों के पास है।
पॉलिटिकल ड्रामे के पांचवे दिन यानी शनिवार को शिवसेना के कार्यकर्ता हिंसा पर भी उतर आए। शिवसैनिकों ने पहले पुणे में बागी विधायक तानाजी सावंत के घर पर तोड़फोड़ की। इसके बाद शिंदे के बेटे व कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे के दफ्तर पर पत्थरबाजी की।
शिवसेना की हाईलेवल मीटिंग में उद्धव ने शिंदे पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा- शिंदे पहले नाथ थे, लेकिन अब दास हो गए हैं। उद्धव ने आगे कहा कि सुलगते बम पर बागी बैठे हुए हैं। बालासाहब का नाम लेकर कोई पॉलिटिक्स नहीं कर पाएंगे। उद्धव की मीटिंग में 6 प्रस्ताव पास किया गया।
- शिवसेना बालासाहब की है और रहेगी और किसी को भी बालासाहब के नाम का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा।
- बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे से शिवसेना संगठन में से नेता का पद छीन लिया जाए।
- बागी विधायको पर कारवाई करने का अधिकार शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे को दिया गया है।
- मराठी अस्मिता और हिंदुत्व के मुद्दे पर आगे शिवसेना और आक्रमक रवैया अपनाएगी।
- कोरोना काल में उद्धव ठाकरे किए काम और धारावी मॉडल की सराहना को लेकर धन्यवाद पेश किया गया।
- मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में फिर से शिवसेना की जीत का संकल्प लिया गया।







