Thursday, March 12, 2026

डीआरएम रंजन कोरबा पहुंचे, रेलवे कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी,अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम तेज करने के निर्देश, यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर

कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के नवपदस्थ मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राकेश रंजन ने पदभार संभालने के दूसरे ही दिन कोरबा का दौरा कर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों की धीमी रफ्तार पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

डीआरएम रंजन ने इमलीडुग्गू रेलवे फाटक के समीप प्रस्तावित यार्ड री-मॉडलिंग के लिए तैयार मैप प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए कि मानिकपुर कोल साइडिंग और इमलीडुग्गू रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवरब्रिज जैसे बाधक कार्यों को ध्यान में रखते हुए यार्ड विस्तार को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की विसंगति से निपटते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि रेलवे संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

सुरक्षा और व्यवस्था सुधार पर जोर

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन की क्रू लॉबी का भी जायजा लिया और रनिंग स्टाफ से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कर्मचारियों से ईमानदारी और सजगता के साथ ड्यूटी निभाने का आह्वान किया। इसके साथ ही अधूरे एफओबी, पुराने एआरएम रूम के पास सेफ्टी वॉल की कमी, प्लेटफॉर्म पर बिखरी निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कोल डिस्पैच दबाव कम करने की पहल

डीआरएम रंजन ने लगातार बढ़ रहे कोल डिस्पैच के दबाव से राहत पाने के उपायों पर भी जोर दिया, ताकि परिचालन सुचारु रहे और यात्री सेवाओं पर असर न पड़े।

गेवरारोड स्टेशन और कोल साइडिंग का निरीक्षण

इसके बाद डीआरएम गेवरारोड स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन परिसर और कोल साइडिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने गेवरारोड स्टेशन के संभावित विस्तार कार्यों की जानकारी ली और पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना के तहत लाइन विस्तार व यार्ड के पुनर्विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। निरीक्षण उपरांत वे शाम करीब 4 बजे बिलासपुर रवाना हुए।

रेल संघर्ष समिति की प्रतिक्रिया

इस बीच रेल संघर्ष समिति कोरबा के संयोजक रामकिशन अग्रवाल ने डीआरएम के पहले कोरबा दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारियों ने प्रवास की योजना गोपनीय रखी, जिससे यात्रियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद का अवसर नहीं मिल सका।