रायपुर/जगदलपुर। तेलंगाना से माओवाद से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ नेता देवजी ने 18 माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय शीर्ष कमांडरों में शामिल देवजी का सरेंडर माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लगातार सघन ऑपरेशन, नेटवर्क पर दबाव और बढ़ती घेराबंदी के चलते संगठन के भीतर हताशा की स्थिति बताई जा रही है।
फोर्स की कार्रवाई से कमजोर पड़ा नेटवर्क
जानकारी के मुताबिक लंबे समय से चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान और रणनीतिक दबाव के कारण माओवादी नेतृत्व पर असर पड़ा है। देवजी जैसे वरिष्ठ कमांडर का आत्मसमर्पण संगठन की रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक कमजोरी को दर्शाता है।
बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में कई बड़े कमांडरों के सरेंडर या निष्क्रिय होने से माओवादी संगठन की गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।
उप मुख्यमंत्री बोले – मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया जारी
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देवजी के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बसव राजू के निष्क्रिय होने के बाद देवजी संगठन का बड़ा चेहरा था, जिसने तेलंगाना में सरेंडर किया है।
उन्होंने कहा कि कुछ अन्य सक्रिय और निष्क्रिय माओवादी नेताओं को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि आत्मसमर्पण करने वाले लोग मुख्यधारा से जुड़ें और उन्हें बैंकिंग सुविधा, विवाह, खेती और आजीविका से जुड़ी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
हाल के महीनों में सरेंडर करने वाले प्रमुख कमांडर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बीते महीनों में कई शीर्ष माओवादी कमांडरों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं—
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सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती (CCM) – हैदराबाद
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मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति (PBM/CCM) – गढ़चिरौली
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सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव (CCM) – जगदलपुर
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पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना (CCM) – हैदराबाद
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रामदर मज्जी उर्फ सोमा (CCM) – राजनांदगांव
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देवजी उर्फ तिरुपति (पोलित ब्यूरो सदस्य) – तेलंगाना









