निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का आगमन, धर्मांतरण पर दिया बयान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को स्वामी कैलाशानंद गिरी का मंगल आगमन हुआ। निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर के रायपुर विमानतल पहुंचने पर आयोजकों और श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

स्वागत करने वालों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, भाजपा के प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, अनूप अग्रवाल और अशोक अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपरा की सराहना

मीडिया से चर्चा करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अत्यंत धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। यहां की आस्था और परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि यहां मां दंतेश्वरी मंदिर की स्थापना इस क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को दर्शाती है।

उन्होंने बताया कि नितिन अग्रवाल के आग्रह पर ही वे रायपुर आए हैं। स्वामी जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साधु-संतों के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा है और यह राज्य धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

धर्मांतरण पर कही यह बात

धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि सनातनियों को अपने धर्म में रहते हुए कार्य करना चाहिए। शासन-प्रशासन को इस विषय में गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि धर्मांतरण मुख्यतः दो प्रकार से होता है—बलपूर्वक या लालच देकर—और दोनों ही अनुचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी धर्म की निंदा नहीं करते, लेकिन किसी को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना उचित नहीं माना जा सकता।