Tuesday, October 20, 2026

परिजन बोले-ससुराल में प्रताड़ित होकर बेटी ने खाया जहर:कोरबा में 2 दिन तक झोलाछाप डॉक्टर से कराया इलाज

कोरबा जिले एक विवाहिता की मौत हो गई। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों से तंग आकर उसने जहर खाया था। जब इसकी जानकारी उन्हें हुई, वे अस्पताल नहीं ले गए और झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाया। यह मामला दीपका थाना क्षेत्र की है।

मिली जानकारी के मुताबिक, 2016 में ग्राम झाबर की रहने वाली वंदना की शादी ग्राम लारीपारा के लक्ष्मीनारायण से हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। पति बाजारों में जाकर कपड़े का दुकान लगाता है। शादी के कुछ दिनों तक सब कुछ सही चला। इसके बाद उसे घर के कामों लेकर लगातार प्रताड़ित गया जा रहा था।

1 अगस्त को महिला ने जहर खा लिया। ससुराल वाले पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसे सरकारी या निजी अस्पताल नहीं ले गए। उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया। तीन दिनों तक उसका इलाज चलता रहा। इस बीच गांव में रहने वाली एक रिश्तेदार ने वंदना की मां को घटना की जानकारी दी।

मां पहुंची तो हुआ खुलासा

4 अगस्त को जब मां अपनी बेटी को देखने पहुंची, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। वंदना ने मां को बताया कि उसने प्रताड़ना के कारण जहर खा लिया है। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कल शाम को ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार शाम शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

एमए तक पढ़ी थी महिला

परिजनों का आरोप है कि वंदना को उसके पति, सास, ससुर और ननद लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद उसे दो दिन तक उल्टी और दस्त हो रहे थे। महिला के भाई दिलभरत आर्मो ने बताया कि बहन एमए तक पढ़ी थी।

दिलभरत ने यह भी बताया कि प्रताड़ना से परेशान होकर वंदना 2021 में मायके आ गई थी। करीब एक साल बाद सामाजिक बैठक के बाद वह पति के साथ ससुराल लौटी थी, लेकिन फिर से उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।