कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की मोंगरा वार्ड से पार्षद राजकुमारी कंवर ने घाटमुड़ा से विस्थापित और गंगागनगर में पुनर्वासित परिवारों की मूलभूत समस्याओं को लेकर गेवरा एसईसीएल के महाप्रबंधक एस के मोहंती को ज्ञापन सौंपा है। अपने ज्ञापन में उन्होंने मनोरंजन गृह, गौठान, चिल्ड्रन पार्क, शमशान घाट, स्ट्रीट लाईट, नदी में पचरी तक पंहुच मार्ग तथा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग के साथ-साथ ग्राम मड़वाढ़ोढा में मिडिल स्कूल के सामने सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाईट, मंच निर्माण तथा तालाब के सौंदर्यकरण करने की भी मांग की है।
उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980-81 में घाटमुड़ा के 75 परिवारों को विस्थापित किया गया था तथा 25 एकड़ के प्लॉट में गंगानगर ग्राम में उन्हें बसाया गया था। लेकिन पुनर्वास के 35 सालों बाद भी यह गांव बुनियादी मानवीय सुविधाओं स्कूल, अस्पताल, पानी, गौठान, मनोरंजन गृह, श्मशान घाट, पार्क आदि से वंचित हैं, जिसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की थी। एसईसीएल की इस उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद राजकुमारी कंवर के साथ माकपा जिला सचिव प्रशांत झा तथा छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, संजय यादव व रामायण सिंह कंवर भी उपस्थित थे।
माकपा नेता प्रशांत झा ने कहा है कि खदान विस्तार के समय जमीन अधिग्रहण करते समय एसईसीएल विस्थापित परिवारों को विकास के बड़े सपने दिखाता है, लेकिन पुनर्वास ग्रामों के साथ वह किस प्रकार का व्यवहार करता है, यह गंगानगर की बदहाली से साफ है। माकपा ने महाप्रबंधक को चेतावनी दी है कि यदि गांवों में मूलभूत मानवीय सुविधाएं प्रदान नहीं कि जाती, तो माकपा आंदोलन के लिए बाध्य होगी।







