Friday, September 25, 2026

पुलिस-नक्सली मुठभेड़ को नक्सलियों ने बताया फर्जी, कहा- ग्रामीण की कर दी हत्या

जगदलपुर। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपने दो साथियों को नक्‍सली ग्रामीण बताकर पुलिस पर फर्जी एंकाउंटर का आरोप लगाया है। नक्‍सलियों ने इस संबंध में पर्चा जारी कर पुलिस पर निर्देष आदिवासियों की हत्‍या करने का आरोप लगाया है। इस पर बस्‍तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने नक्‍सलियों को खुली चुनौती दी है। आईजी ने कहा कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए रवा देवा व सोढ़ी कोसा के नक्‍सली होने का पुलिस के पास पुख्‍ता प्रमाण है। अब अगर नक्‍सलियों के पास उनके नक्‍सली होने का कोई सबूत है तो 48 घंटे में प्रस्‍तुत करें।

दरअसल, 6 सितंबर को माओवादियों के दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 05 सितंबर 2023 को जिला सुकमा के ताड़मेटला जंगल में पुलिस-नक्सली के बीच हुए मुठभेड़ गलत बताया गया है। इसी मुठभेड़ में पुलिस ने माओवादी मिलिशिया कैडर रवा देवा और सोढ़ी कोसा ढेर कर दिया था। पुलिस अफसरों ने बताया कि नक्‍सली झूठा बयान जारी कर ग्रामीणों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सच्‍चाई यह है कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी मिलिशिया कैडर रवा देवा व सोढ़ी कोसा बाहरी माओवादी नेताओं के इशारे पर क्षेत्र की जनता को विगत कई महीनों से लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि 28 जून 2023 को जिला सुकमा के थाना चिंतागुफा क्षेत्रांतर्गत ग्राम ताड़मेटला पंचायत के उप सरपंच माड़वी गंगा व शिक्षादूत कवासी सुक्का को माओवादियों द्वारा क्रूरतापूर्ण हत्या की गई। इसके बाद 31 अगस्त को गांव पालीगुड़ा में अपने परिजनों से मिलकर वापस आ रहे मजदूर कोरसा कोसा को पुलिस मुखबिर का आरोप लगाकर माओवादियों द्वारा हत्या की गई। उपरोक्त सभी प्रकरणों में मिलिशिया कैडर रवा देवा व सोढ़ी कोसा का सक्रिय भूमिका पुलिस विवेचना के दौरान पाया गया। इसके अलावा दोनों मिलिशिया कैडर द्वारा सुरक्षा बलों को क्षति पहुंचाने के नियत से लगातार क्षेत्र में माओवादियों के लिए जासूसी और रेकी का कार्य करने के संदर्भ में भी पुलिस को सटीक आसूचना एवं साक्ष्य, सबूत प्राप्त हुई।