बालकों की मनमानी जग जाहिर है। और लोग यह भी जानते हैं कि प्रशासन बालकों पर नकेल कसने में पूरी तरह से विफल है। फिर भी लोगों समय-समय पर बालकों की कार्यशैली से प्रशासन को अवगत कराया जाता है।इस बार अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा,जिसमें बताया गया है कि बालको किस तरह से दादागिरी पर उतारू हो गया है। नफीस खान ने इस पत्र के माध्यम से कोरबा कलेक्टर को बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज रूमगरा से रिस्दा पुल तक बालको संयंत्र में लगे भारी वाहनों के द्वारा सड़क पर अतिक्रमण किया जा रहा है। जिससे हादसों में वृद्धि हो रही है । सड़क निर्माण को लेकर भी बालको उदासीन बना हुआ है । इसके साथ ही बालको द्वारा सड़कों पर रौशनी की भी व्यवस्था नहीं की जा रही । राखड़ के निस्पादन के लिए बनाए गए रोकबहरी स्थित राखड डेम के भरने से राखड़ यहां वहा डंप किया जा रहा है । जिससे जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ ही लोगों की वस्तुएं भी खराब हो रही है। नफीज खान ने लिखे शिकायत पत्र में बालको के अडियल रवैये से जिलाधीश को अवगत कराने के साथ के बालको प्रबंधन पर उचित कार्यवाही की भी मांग की है।