Thursday, April 2, 2026

मच्छर बढ़ने से शुरू हो गया मलेरिया:डेंगू धीमा पड़ने के बाद फागिंग-एंटी लार्वा ट्रीटमेंट कमोबेश बंद कर चुका है निगम, मलेरिया के केस मिलते ही फिर शुरू करेंगे

राजधानी में सितंबर अंत के बाद से डेंगू के मरीज कम होने लगे तो सरकारी एजेंसियों ने इसके प्रिवेंशन और मच्छरों पर नियंत्रण की कोशिश धीमी कर दी। नतीजा, अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से शहर में मच्छर बढ़ने शुरू हुए और नवंबर में बेतहाशा बढ़ गए। इसका असर अब मलेरिया के रूप में नजर आने लगा है। नवंबर में मलेरिया के 20 मरीज मिले हैं, जिनमें 15 दूसरे पखवाड़े के हैं। इसके अलावा, डेंगू के मामले भी खत्म नहीं हुए हैं और पिछले एक माह में 7 नए मरीज मिल चुके हैं। इस खुलासे से हड़बड़ाए नगर निगम ने एक बार फिर फाॅगिंग और एंटी लार्वा अभियान शुरू कर दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार शहर के वार्डों में जितने सफाई कर्मी लगाए जाने चाहिए, ठेकेदार कम लगा रहे हैं और यह बात पकड़ में भी अा रहे है। इससे सफाई प्रभावित हो रही है। डेंगू के मच्छर (एडिस) साफ पानी में पैदा होते हैं लेकिन मलेरिया के लार्वा (एनाफिलीस) गंदगी में तेजी से पनपने लगते हैं और राजधानी में इसी वजह से मलेरिया फैलाने वाले मच्छ तेजी से बढ़े हैं। इसलिए मलेरिया के केस मिलने लगे हैं। हालांकि मलेरिया से अब तक एक भी मृत्यु नहीं हुई है।