पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के खिलाफ मोर्चा खोला है। ममता ने कूचबिहार जिले के SP को निर्देश दिए और कहा कि आप BSF को बॉर्डर से 50 किलोमीटर के अंदर प्रवेश नहीं करने दें। वे (BSF) गांवों में प्रवेश कर रहे हैं और लोगों को मार रहे हैं और बांग्लादेश में, दूसरी तरफ फेंक रहे हैं। BSF को ये सब करने की अनुमति नहीं दी जाए।
दीदी ने BSF पर लगाए गंभीर आरोप
राज्य में BSF के काम पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तहत आने वाली BSF इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार गायों की तस्करी कराती है और लोगों की हत्या करके उनके शव बांग्लादेश में फेंक देती है, लेकिन उसका इलजाम बंगाल पुलिस पर आता है। इसलिए मैंने राज्य पुलिस को कहा है कि वे BSF को राेकें।
पिछले साल अक्टूबर में BSF एक्ट में बदलाव करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) का अधिकार क्षेत्र बढ़ा दिया था। इसके बाद BSF अधिकारियों को पश्चिम बंगाल, पंजाब और असम में देश की सीमा से लगे 50 किलोमीटर तक के इलाके में तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती की अनुमति मिल गई।
पंजाब, बंगाल ने किया फैसले का विरोध
इस फैसले से पंजाब में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। पंजाब में स्थानीय पुलिस किसी भी कार्रवाई में BSF की मदद करती थी। कांग्रेस और अकाली दल ने इसका जोरदार विरोध किया। पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इसे राज्य के अधिकार पर हमला बताया।
पंजाब की ही तरह बंगाल ने भी लगातार इसे फैसले का विरोध किया है। दिसंबर में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने BSF के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पास किया।







